वात, पित्त, कफ - ये तीन शारीरिक दोष माने गये हैं। ये दोष असामान्य आहार-विहार से विकृत या दूषित हो जाते है इसलिए इसे 'दोष' कहा जाता है। शरीरगत् अन्य धातु आदि तत्व इन्हे दोषों के द्वारा दूषित होता है। इन तीनो दोषों को शरीर का स्तम्भ कहा जाता है। इनके प्राकृत अवस्था एवं सम मात्रा ही शरीर को स्वस्थ रखता है, यदि इनका क्षय या वृद्धि होती है, तो शरीर में विकृति या रोग उत्पन्न हो जाती है।
आयुर्वेद साहित्य शरीर के निर्माण में दोष, धातु मल को प्रधान माना है और कहा गया है कि 'दोष धातु मल मूलं हि शरीरम्'। आयुर्वेद का प्रयोजन शरीर में स्थित इन दोष, धातु एवं मलों को साम्य अवस्था में रखना जिससे स्वस्थ व्यक्ति का स्वास्थ्य बना रहे एवं दोष धातु मलों की असमान्य अवस्था होने पर उत्पन्न विकृति या रोग की चिकित्सा करना है।
यह सरल दोष परीक्षण है आप अपने मूल दोष प्रकार का जल्दी से पता लगा सकते हैं।
प्रत्येक प्रश्न के लिए उस जवाब पर निशान लगायें जो आपके लिए सबसे ज्यादा लागू होता है। उसके बाद प्रत्येक तालिका में अंकों को आपस में जोड़ लें। उच्च अंकों वाली तालिका आपके दोष प्रकार को दिखाती है।
यदि आपके दो या सभी तीन तालिकाओं में अंकों की संख्या समान है तो आपका मिश्रित दोष प्रकार है। ऐसे मामलों में आपको इन दोषों के लिए आयुर्वेदिक सलाह का पालन करना चाहिए।
उन भोजनों को महत्व दें जो आपके दोष को संतुलित करते हैं। उन सिफारिशों का पालन करें जिनकी आयुर्वेद आपके शरीर के प्रकार के लिए सुझाता है और उन्हें अपने दैनिक जीवन में शामिल करें। हमेशा दैनिक और मौसम की लय से अवगत रहें।
प्रश्न |
वात |
पित्त |
कफ |
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आपका
शरीर किस प्रकार का है?
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हल्का,
नाजुकता की संभावना रहती है, लम्बा
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मेरा
शरीर मध्यम रुप से गठीला है
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मेरा
शरीर भारी और मजबूत है
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आपकी
त्वचा किस प्रकार की है?
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रुखी,
फटने की संभावना रहती है, पतली, “लिवर स्पॉट्स” (छोटे-छोटे भूरे दाने) होने की संभावना रहना
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संवेदनशील
मिली-जुली
त्वचा
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मोटी
त्वचा के साथ तेलीय होने की संभावना रहती है
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आपकी
त्वचा का रंग कैसा है?
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मेरी
त्वचा का रंग गहरा/ सांवला है
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हल्का
सा लाल पपड़ीदार होने की संभावना होती है
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हल्का
या हल्का सा पीला होने की संभावना होती है
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आपके
बाल किस प्रकार के हैं?
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मेरे
बाल रुखे, बहुत नाजुक हैं और स्वाभाविक रुप से
घुंघराले हैं।
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मेरे
बाल ब्लॉन्ड से लाल है, समय से पहले सफेद हो गए हैं या उड़ गये हैं
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बाल
मजबूत हैं, हल्के से तेलीय और कुदरती घुंघरालापन है
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आप
कैसे बात करते हैं?
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मैं
बहुत और जल्दी-जल्दी
बोलता/ती
हूं
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मैं
बातचीत करने में अच्छा/ अच्छी हूं (स्पष्ट और नपीतुली)
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मुझे
अक्सर बात करना मुश्किल लगता है। मैं धीरे-धीरे बात करता हूं
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आपकी
यादश्त कैसी है?
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मेरी
यादश्त बहुत अच्छी है
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यादाश्त
ठीक-ठाक
है
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मुझे
बात लंबे समय तक बहुत अच्छे से याद रहती है
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आप
कैसे काम करते हैं?
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मैं
जल्दी-जल्दी
काम करता/ करती
हूं और रचनात्मक हूं
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मैं
मध्यम गति से काम करता हूं और खुद को सही साबित कर सकता/ती हूं
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मैं
धीमें और धैर्य से काम करता हूं
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आप
कैसी नींद सोते हैं?
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मैं
हल्की नींद सोता/सोती हूं और अक्सर जाग जाता/ जाती हूं
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मुझे
अक्सर पसीना आता है और अपने दांत पीसता हूं
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लम्बी,
गहरी नींद
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आपका
फिगर/ आकार कैसा है?
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मैं
बहुत पतला/ पतली
हूं और वजन बढ़ाना कठिन लगता है
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मेरा
फिगर/ आकार
सही अनुपात में है
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मेरा
वजन तय सीमा से अधिक है
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आपकी
भूख कैसी है?
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मुझे
स्नैक्स खाना पसंद है
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मुझे
बड़ी भूख लगती है और खाना खाना छोड़ना पसंद नहीं है
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मुझे
कम भूख लगती है लेकिन खाने में मजा आता है
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आप
कैसा खाना पसंद करते हैं?
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मुझे
गर्म, हल्के व्यंजन पसंद हैं
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मुझे
स्वादिष्ट, अच्छे से सीजन्ड/मसालेदार खाना पसंद है।
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मुझे
गर्म, चटपटा खाना पसंद है
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मल
त्याग
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मेरा
मल सूखा और सख्त होता है। मुझे कब्ज और गैस रहती है
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मैं
अक्सर दिन में एक बार से ज्यादा मल त्याग करता/करती हूं,
जो हल्का और कभी-कभी जलन देने वाला होता है
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मेरा
मल धीमा, सख्त और चिकना होता है
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धूप
में आप कैसी प्रतिक्रिया देते हैं?
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मुझे
गुनगुना, धूप वाला मौसम बेहद पसंद है मगर हवा के बगैर
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गर्मी
होने पर मुझे तकलीफ होती है
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मुझे
धूप वाला, गर्म मौसम और धीमीं हवाएं बेहद पसंद है
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किस
प्रकार का मौसम आपको सूट नहीं करता है?
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मुझे
ठंडा, सूखा,
हवाओं वाला मौसम पसंद नहीं है
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मुझे
गर्म मौसम बहुत ज्यादा पसंद नहीं है
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मुझे
नम, ठंडा मौसम पसंद नहीं है
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तनाव
में आप कैसी प्रतिक्रिया देते हैं?
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मैं
परेशान और उत्तेजक हो जाता/जाती हूं
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मैं
आसानी से गुस्सा हो जाता/जाती हूं और अपना आपा खो देता/देती हूं
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मुझे
परेशान करना कठिन है
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ऊर्जा
स्तर
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भिन्न-भिन्न होता है
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मेरे
बहुत सारी ऊर्जा रहती है
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मेरा
ऊर्जा स्तर एक जैसा रहता है
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आपका
मिज़़ाज कैसा रहता है?
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मैं
उत्साह से भरा और सहज रहती/रहता हूं
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मैं
निश्चिंत और उत्साहित रहता/ रहती हूं
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मैं
शांत और स्थिर रहना चाहता हूं
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आपके
मिज़ाज/ मूड्स कैसे हैं?
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मेरे
मिज़ाज/ मूड्स
आसानी से बदल जाते हैं
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मेरी
भावनाएं हमेशा गहरी होती हैं
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मिला-जुला रहता है
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कुल
अंक
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त्रिदोषों के अनुसार वर्गीकृत भोजन
नीचे दी गयी सूची विवरण देती है कि आपके दोष प्रकार के लिए आपको कौन से भोजनों को महत्व देना चाहिए। वे आपके दोषों को संतुलित और अनुकूल करते हैं।
दिलचस्प बात है कि, हो सकता है आपको लगेगा कि ये वही भोजन हैं जिन्हें खाने में आपको मजा आता है, क्योंकि आपका शरीर जानता है कि इसे किस समय किसकी जरुरत है। आपके शरीर द्वारा भेजे गये संकेतों को पहचाना सीखें।
वात दोष:
वात प्रकृति वाले लोगों के लिए मीठे, खट्टे और नमकीन स्वाद का दोष पर संतुलित असर पड़ता है। वात प्रकारों को भी गर्म भोजन और पेय पदार्थों को महत्व देना चाहिए। निम्नलिखित भोजनों की सिफारिश की जाती है:
अनाज : गेहूं, ओट्स/ जई, सूजी, बासमती चावल। अनाजों को पकाना उत्तम रहता है
सब्जियां : अच्छे से पकी सब्जियां, कम या बिल्कुल भी कच्चा भोजन नहीं, चुकुंदर, गाजर, खीरा, भिंडी, शकरकंद, स्टीम की गयी मूली, सिलेरी, एस्पैरागस, ताजी मटर, आलू, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियां।
दालें: पीली मूंग दाल, मसूर दाल (दोनों छिलके सहित), अच्छी क्वालिटी के पके हुए छोलें जब वे मुलायम हों।
फल: मीठे, पके हुए फल जैसे अंगूर, आम, केले, अवकाडो, तरबूत, पपीता, बेरीज, चेरीज, नारियल, ताजे अंजीर, ताजे खजूर, संरते, आड़ू, नेक्टरीन्स, पाइनेप्पल, आलू बुखारा, ढेर सारे सेव और नाशपाती, मुख्यतया स्ट्यू किए गए।
दूध के उत्पाद: दूध, क्रीम, क्रीम चीज, लस्सी, खट्टे दूध के उत्पाद।
तेल और वसा: घी, मक्खन, तल का तेल, सूरजमुखी का तेल, ऑलिव ऑयल।
मेवे और बीज: काजू, कद्दू के बीज, साबुत बादाम, तिल के बीज, सूरजमुखी के बीज।
स्वीटनर (शक्कर): पाम शुगर, गुड़, मैपल सिरप, शहद, कैंडी शुगर।
मसाले: अनीज, हींग, मेथी, जीरा, हल्दी, सौंफ, अदरक, इलायची, लौंग, जायफल, कलौंजी, नमक, सरसों के दाने, काली मिर्च, दालचीनी।
जड़ी-बूटियां: तुलसी, लेमन बॉम, मार्जोरम, ऑरिगानो, थाइम। सभी मीठी, खट्टी और नमकीन स्वाद वाली जड़ी-बूटियां।
पित्त दोष:
पित्त सरंचना के लिए मीठा, कड़वा और कसैला स्वाद में दोषों पर संतुलित असर होता है। पित्त प्रकारों को ठंडक भरा खाना और पेय की जरुरत होती है और निम्नलिखित भोजनों को पसंद करना चाहिए:
अनाज: बासमती चावल, गेहूं, सूजी, ओट्स, जौ, कूसकूस।
सब्जियां: सब्जियां जिनका स्वाद या तो मीठा, कड़वा या कसैला हो: आर्टिचोक्स, आलू, हरी बीन्स, कॉर्जेट्स, चिकोरी, हरी पत्तेदार सब्जियां, लेट्यूस, भिंडी, एस्पैरागस, खीरा, फूलगोभी, ब्रोकली, लाल पत्ता गोभी, सफेद पत्तागोभी, मटर, कद्दू।
दालें: सभी तरह की दालें, जैसे लाल दालें, चना दाल, उड़द दाल, पीली मूंग दाल, छोले
फल: केला, नाशपाती, फिग्स, खजूर, आम, अंगूर, मीठी चेरीज, नारियल, तरबूज, आलू बुखारा, किशमिश, अनार और मीठे, पके हुए सेव।
दूध के उत्पाद: दूध, क्रीम, क्रीम चीज, लस्सी, ठंडी आईस-क्रीम (शर्बत) लेकिन किफायत से।
तेल और वसा: घी, मक्खन, नारियल तेल, ऑलिव ऑयल।
मेवे और बीज: नारियल, हरे पिस्ता।
स्वीटनर (शक्कर): शक्कर, गुड़, पॉम शुगर।
मसाले: धनिया, जीरा, सौंफ, किफायती मात्रा में अदरक, इलायची, केसर, जरा सी काली मिर्च, दालचीनी।
जड़ी-बूटियां: बेसिल (तुलसी), हरा धनिया, मिन्ट, पार्सले, सेज, लेमन बाम।
सभी मीठी, कसैली और कड़वे स्वाद वाली जड़ी-बूटियां।
कफ दोष:
कफ प्रकृति वालों के लिए तीखा, कड़वा और कसैला स्वाद वाले भोजन दोष को संतुलित करते हैं। भोजन चटपटा और गर्म खाना पसंद किया जाता है। कफ प्रकृति वालों को वसा और तले हुए भोजनों से सावधान रहना चाहिए। कफ हावी रहने वालों के लिए सिफारिश किए गए भोजन:
अनाज: बासमती चावल किफायती मात्रा में, बाजरा, मक्का, जौ, राई।
सब्जियां: तीखी, कड़वी और कसैली सब्जियां पसंद की जानी चाहिए: ब्रोकली, फूलगोभी, चिकोरी, चुकुंदर, गाजर, सिलेरी, एस्पैरागस, भिंडी, पेपरिका, मटर, लाल पत्ता गोभी, सफेद पत्ता गोभी, हरी पत्तेदारी सब्जियां, लेट्यूस, स्प्राउट्स, मूली, छोटी मूली, सौंफ।
दालें: दालें, चना दाल, तुअर दाल, पीली मूंग दाल, छोले, लाल दालें।
फल: सेव, बेरीज, आम, नाशपाती, अनार, चेरीज, सूखे हुए अखरोट, किशमिश, आलूबुखारा और फिग्स।
दूध के उत्पाद: दूध के उत्पाद किफायत से, क्योंकि वे कफ प्रकार वालों में अपशिष्ट पदार्थ बनाते हैं। छाछ, लस्सी।
तेल और वसा: केवल छोटी मात्राओं में। घी, सूरजमुखी का तेल, सैफ्लावर तेल, ऑलिव ऑयल।
मेवे और बीज: इन्हें भी केवल कम मात्रा में लेना है! सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, पिस्ता।
स्वीटर/ शक्कर: शहद, गुड़ सीमित मात्रा में।
मसाले: हींग, अदरक, मिर्ची, काली मिर्च, धनिया के बीज, हल्दी, दालचीनी, लौंग, इलायची, जीरा, सरसों के दानें, मेथी के दाने, काला जीरा, ऑलस्पाइस (पंचमसाला)। जड़ी-बूटियां (Herbs): पार्सले, हरा धनिया, तुलसी, लेमन बाम, टैरागन, लोवेज।
लेख कैसा लगा अवश्य बतायें!

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